Admission Procedure
Step 1- Connect to Our School Counsellor
Step 2- Schedule your visit.
Step 3- Submit all the required documents.
Step 4- Take Assessment test.
Step 5– Submit all the required Documents.
Step 6- Payment of School Admission Fees.
Step 7- Receive Your Child Enrollment No.
General Information
The admission of the pupils is subject to the availability and according to the criteria fixed by the NST Public School.
- New Student Admission Fee Rs. 2000/-
- App. Rs. 500/-
- Examination Fee Rs. 500/-
Fee Structure
- Play Monthly Fee 2000/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1000/-
- Nursery Monthly Fee 2000/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1000/-
- LKG Monthly Fee 2200/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1100/-
- UKG Monthly Fee 2200/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1100/-
- Class 1 Monthly Fee 2500/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1250/-
- Class 2 Monthly Fee 2500/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1250/-
- Class 3 Monthly Fee 2750/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1375/-
- Class 4 Monthly Fee 2900/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1450/-
- Class 5 Monthly Fee 3000/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1500/-
- Class 6 Monthly Fee 2000/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1000/-
- Class 7 Monthly Fee 2000/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1000/-
- Class 8 Monthly Fee 2000/- After 50% Discount Monthly Fee Rs. 1000/-
शिक्षा शक्ति है
शिक्षा हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह न केवल ज्ञान का एक स्रोत है, बल्कि यह हमें सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में भी मदद करती है। “शिक्षा शक्ति है” यह वाक्य केवल एक साधारण कहावत नहीं है, बल्कि यह उस सत्य को दर्शाता है जो हमारे समाज में गहराई से निहित है।
शिक्षा का महत्व
व्यक्तिगत विकास: शिक्षा हमें सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। यह हमारे व्यक्तित्व को विकसित करती है और हमें आत्मनिर्भर बनाती है।
समाजिक परिवर्तन: शिक्षा समाज में अनेक प्रकार के बदलाव लाने की क्षमता रखती है। यह लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। एक शिक्षित व्यक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आर्थिक स्थिति में सुधार: शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति अधिक बेहतर नौकरी के अवसर प्राप्त कर सकता है। यह आर्थिक स्थिति को सुधारने का एक प्रभावी उपाय है।
नैतिकता और सांस्कृतिक ज्ञान: शिक्षा न केवल बुनियादी ज्ञान देती है, बल्कि यह हमें सही-गलत का भेद भी सिखाती है। यह हमें हमारी संस्कृति और परंपराओं को समझने और उन्हें संरक्षित करने की क्षमता भी प्रदान करती है।
शिक्षा का प्रभाव
शिक्षा का प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता। यह समस्त समाज पर भी गहरा प्रभाव डालती है। एक शिक्षित समाज अधिक प्रगतिशील और संगठित होता है। यह भ्रष्टाचार, असमानता और अन्य सामाजिक समस्याओं से निपटने में अधिक सक्षम होता है।
निष्कर्ष
यह स्पष्ट है कि शिक्षा शक्ति है। यह न केवल व्यक्ति के लिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी आवश्यक है। इसलिए, हमें शिक्षा के प्रति गंभीरता से सोचना चाहिए और इसे हर व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता के रूप में मानना चाहिए। शिक्षा सिर्फ एक किताबों से प्राप्त ज्ञान नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू में समझदारी और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है।
शिक्षा को प्राथमिकता देना, न केवल हमारे व्यक्तिगत विकास के लिए, बल्कि समाज के समग्र विकास के लिए भी अनिवार्य है। “शिक्षा शक्ति है” के इस मंत्र को हमें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए ताकि हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकें।
छोटे बच्चों (4 से 7 साल) के लिए एक आदर्श टाइम टेबल इस प्रकार होना चाहिए कि वह उनकी पढ़ाई, खेलकूद, और रचनात्मक गतिविधियों को संतुलित करे। बच्चों की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम होती है, इसलिए छोटे-छोटे अंतरालों में ब्रेक लेना जरूरी होता है। यहाँ एक आदर्श टाइम टेबल का उदाहरण दिया जा रहा है:
आदर्श टाइम टेबल (4 से 7 साल के बच्चों के लिए)
| समय | गतिविधि | विवरण |
|---|---|---|
| 8:30 AM – 9:00 AM | आगमन और सुबह की दिनचर्या | बच्चों का स्वागत, बातचीत और हल्की गतिविधियाँ ताकि वे दिन के लिए तैयार हो सकें। |
| 9:00 AM – 9:30 AM | सर्कल टाइम (समूह गतिविधि) | कहानियाँ, गाने या साझा बातें करने का समय। यह सामाजिक कौशल विकसित करता है। |
| 9:30 AM – 10:00 AM | भाषा और साहित्य (लैंग्वेज आर्ट्स) | अक्षरों, ध्वनियों, और शब्दों की पहचान। सरल शब्दों को पढ़ने और शब्दावली के खेल। |
| 10:00 AM – 10:15 AM | नाश्ता और ब्रेक समय | एक छोटा नाश्ता और हल्की शारीरिक गतिविधि या खेल का समय। |
| 10:15 AM – 11:00 AM | गणित और संख्यात्मक कौशल | गिनती, आकार, और सरल गणितीय समस्याओं के हल के लिए गतिविधियाँ। |
| 11:00 AM – 11:30 AM | कला और रचनात्मकता | ड्रॉइंग, पेंटिंग या क्राफ्टिंग जैसे रचनात्मक कार्य। |
| 11:30 AM – 12:00 PM | आउटडोर खेल या शारीरिक शिक्षा | फ्री प्ले या निर्देशित शारीरिक गतिविधियाँ (दौड़ना, कूदना, समूह खेल)। |
| 12:00 PM – 12:45 PM | दोपहर का भोजन और फ्री टाइम | दोपहर का भोजन और उसके बाद आराम करने का समय। |
| 12:45 PM – 1:15 PM | शांत समय / आराम | आराम या शांत गतिविधियाँ जैसे पढ़ना या पज़ल्स। खासकर छोटे बच्चों के लिए जरूरी। |
| 1:15 PM – 2:00 PM | विज्ञान और अन्वेषण | सरल प्रयोग या प्रकृति से जुड़ी गतिविधियाँ ताकि बच्चों में जिज्ञासा बढ़े। |
| 2:00 PM – 2:30 PM | सामाजिक अध्ययन / नैतिक शिक्षा | परिवार, समुदाय, और अच्छे आचरण जैसे सरल विषयों पर चर्चा। |
| 2:30 PM – 2:45 PM | नाश्ता और ब्रेक समय | दूसरा नाश्ता और छोटा ब्रेक ताकि वे दिन के अंत की गतिविधियों के लिए तैयार हो सकें। |
| 2:45 PM – 3:15 PM | संगीत और नृत्य | गाना, नाचना, और संगीत से जुड़ी गतिविधियाँ। इससे शारीरिक समन्वय और आनंद बढ़ता है। |
| 3:15 PM – 3:30 PM | कहानी समय / दिन का समापन | एक कहानी सुनाना या दिन की गतिविधियों की समीक्षा कर दिन को समाप्त करना। |
मुख्य सिद्धांत
- छोटी कक्षाएँ: प्रत्येक विषय या गतिविधि लगभग 30 मिनट की होनी चाहिए ताकि बच्चों का ध्यान बना रहे।
- संतुलित गतिविधियाँ: पढ़ाई, शारीरिक गतिविधि, और रचनात्मक कार्यों का संतुलन ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
- ब्रेक्स: नियमित रूप से छोटे-छोटे ब्रेक्स और नाश्ता ताकि बच्चे थकान महसूस न करें।
- इंटरएक्टिव लर्निंग: बच्चों के लिए हाथों से सीखना अधिक प्रभावी होता है, खासकर इस उम्र के बच्चों के लिए।
इस टाइम टेबल को बच्चों और स्कूल के कार्यक्रम की विशेष जरूरतों के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।
Time Table of 8 to 14 Year's Students
8 से 14 साल के बच्चों के लिए आदर्श टाइम टेबल इस प्रकार होना चाहिए कि यह उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, रचनात्मकता, और शारीरिक विकास को संतुलित करे। इस उम्र में बच्चे अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, इसलिए अधिक गहन पढ़ाई और साथ ही मानसिक व शारीरिक ब्रेक की आवश्यकता होती है।
आदर्श टाइम टेबल (8 से 14 साल के बच्चों के लिए)
| समय | गतिविधि | विवरण |
|---|---|---|
| 8:00 AM – 8:30 AM | आगमन और सुबह की दिनचर्या | बच्चों का स्वागत, दिन के लिए तैयारी, और प्रार्थना या ध्यान। |
| 8:30 AM – 9:15 AM | गणित (Math) | समस्याओं का हल, पहेलियाँ और गणितीय अवधारणाओं की गहन समझ। |
| 9:15 AM – 10:00 AM | भाषा और साहित्य (Language Arts) | व्याकरण, रचनात्मक लेखन, कविता या पाठ्यपुस्तक का अध्ययन। |
| 10:00 AM – 10:15 AM | नाश्ता और ब्रेक समय | ताजगी के लिए हल्का नाश्ता और थोड़ी फ्री प्ले या खेलकूद। |
| 10:15 AM – 11:00 AM | विज्ञान (Science) | प्रयोग, विज्ञान के सिद्धांतों को समझना, और पर्यावरण से संबंधित अध्ययन। |
| 11:00 AM – 11:45 AM | सामाजिक विज्ञान (Social Studies) | इतिहास, भूगोल, और सामाज का अध्ययन। |
| 11:45 AM – 12:30 PM | शारीरिक शिक्षा (Physical Ed) | खेलकूद, व्यायाम, योग, या आउटडोर गतिविधियाँ। |
| 12:30 PM – 1:15 PM | दोपहर का भोजन और आराम | भोजन का समय, और कुछ समय के लिए आराम या हल्की बातचीत। |
| 1:15 PM – 2:00 PM | कंप्यूटर या टेक्नोलॉजी (Computer/Tech) | तकनीक से संबंधित कौशल विकास, कंप्यूटर, या कोडिंग की मूल बातें। |
| 2:00 PM – 2:45 PM | कला और रचनात्मकता (Art) | चित्रकारी, पेंटिंग, या क्राफ्टिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ। |
| 2:45 PM – 3:00 PM | नाश्ता और ब्रेक समय | छोटा नाश्ता और कुछ ताज़गी के लिए ब्रेक। |
| 3:00 PM – 3:45 PM | भाषा अध्ययन (Language Study) | दूसरी भाषा का अध्ययन (जैसे अंग्रेज़ी, हिंदी, या अन्य क्षेत्रीय भाषाएँ)। |
| 3:45 PM – 4:30 PM | सामान्य ज्ञान (General Knowledge) | समसामयिक घटनाओं, सामान्य ज्ञान, और तार्किक सोच को बढ़ाने वाली गतिविधियाँ। |
| 4:30 PM – 5:00 PM | दिन का समापन और पुनरावलोकन | पूरे दिन की गतिविधियों का पुनरावलोकन, प्रश्न पूछना और घर का कार्य देना। |
मुख्य सिद्धांत
- गहन अध्ययन: इस आयु वर्ग में बच्चों को अधिक समय देकर विषयों की गहरी समझ दिलाई जा सकती है।
- विविधता और संतुलन: शैक्षणिक, रचनात्मक, और शारीरिक गतिविधियों का संतुलन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
- ब्रेक्स का महत्व: बच्चों को ध्यान केंद्रित बनाए रखने के लिए नियमित ब्रेक्स और हल्के नाश्ते का समय।
- रचनात्मकता और टेक्नोलॉजी: बच्चों के रचनात्मक विकास और नई तकनीकों से जुड़ने के लिए समय देना आवश्यक है।
इस टाइम टेबल को बच्चों की व्यक्तिगत ज़रूरतों, स्कूल के कार्यक्रम और स्थानीय जरूरतों के अनुसार बदला जा सकता है।
